भूल बैठा हरि नाम अच्छी नहीं बात है
बहना थाने चुनरी उड़ाने आया।
चालबा दे तेजा हलिया होले होले।
झूला झूल रहे भगवान नंद जी के अंगना मे।
कोई किसी का नहीं प्यारे भजन करो,
लाज बचाने वाले, मेरी बिगड़ी बनाने वाले, तू ही है
मैंने गुरु बनाया बिणजारा मेरा श्याम कोटडी वाला ।
आछी पाई रे गोपाल मीरा ने राम गुटकी।
अचरज खेल अचंभा देखया,
बिटिया पूछती है गर्भ में से यह रोते-रोते।
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