निगाहें मजेदार सखी मेरी ननदी की।
तूने पढ़ा नहीं पन्ना रामायण का, तू कैसा भगत भगवान का।
भोला भोला कहे सारी दुनिया, मत भोले का जिक्र करें।
झूला है चंदन बाला, मधुबन में ऐसा डाला
जब छोड़ चलु इस दुनियाँ को,
होठों पे नाम तुम्हारा हो,
ऐ री सखी मिल मंगल गाओ,
श्यामा श्याम को लाड लडाओ।
लाड लडाऊ तुझे मनाऊ करू तेरी मनूहार
राम और लक्ष्मण दशरथ के बेटे,
दोन्यूं बण ठण जाय,
पर्वत पर बैठी गौरा करे इंतजार, भोले से मिलने को है बेकरार
डम डम डमरू बजाए मेरा जोगी,
You must be logged in to post a comment.