श्याम पकड़ लो मेरी बईयाँ,
तेरे हवाले मेरी गाड़ी तू जाने मेरे बनवारी।
चलो गंगा नहाने चलिए, तुलसी की पूजा करिए।
दामन भर देंगे श्याम कष्ट हर लेंगे श्याम
श्याम तेरा मनमोहन मुखड़ा, उस पर नैन कमाल, वाह तेरा क्या कहना
अपनों ने कभी मुझको कभी काबिल ना समझा।
आ जाओ हे भोले अब तेरा सहारा है।
एक बार तो दर पर शीश झुका ले तूं।
रंग बरसे भीगे जटाधारी रंग बरसे ।
नेगों का है फैशन पुराना, हाय राम महंगाई का जमाना।
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