हंसलो री जोड़ी जग में बिछडी,
कोई जाये जो वृन्दावन, मेरा पैगाम ले जाना,
नाचू मैं बनके दीवानी, नाचू मैं बनके दीवानी।
सुख दुःख हो जीवन में,हो कैसे भी हालात,
उण घर जाइजे बेरण निद्रा
जीण घर राम नाम नहीं भावे,
मेरी ठकुरानी, महारानी, राधे रानी,
कानुडो कालो कालो, राधा छे गोरी गोरी
अर्जुन के बाण जैसा कोई बाण नहीं देखा
हर पल साथ रहे तू, पर मैं समझ ना पाया।
हे श्याम चले आओ, घनश्याम चले आओ।
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