ना हम किसी के, ना कोई हमारा,
मेरे भोले नाथ
तेरा रूप है प्रचण्ड ,
तू आरम्भ तू ही अंत ,
तू ही सृष्टि का रचियता ,
मेरे भोलेनाथ जी ,
सब सतियो में बड़ी सती माँ पार्वती,
नाम अनेको मगर एक माँ भगवती
सबसु न्यारो सबसु प्यारो म्हारे मरुधर देश
देवा श्री गणेशा, देवा श्री गणेशा
मां को दिल से पुकारो एक बार ,एक बार, भवानी चली आएगी
अम्बे अम्बे रटो चली आएगी भवानी,
मायरो लाज़े रे वीरा चुनर लाजे रे। मुखड़ा देखन ने कांच जरूर लाजे रे
सावन सुरंगो जोर को जी कोई झूलो सती मां,
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