म्हारी बारोठी पर आइए हो कान्हा।
श्यामा श्याम मुरारी तोपे वारी सदके
बाबो जाने रे भाई बाबो जाने। तू तो थारो धर्म निभाईजे रे आगे बाबो जाने।
तू काला है श्याम राधा गोरी, तो कैसे जमेगी यह जोड़ी।
शिव शंकर डमरू वाले
सुमिरहूं नित राधा। जनि भूलो पल आधा।
शब्द झड़ लाग्यो जी,बरसन लाग्यो रंग
मेरे भोले पिया, तूने यह क्या किया। मेरे हाथों का कंगना, भस्मासुर को दिया
मेरे घर में घुसो है बवाल ,बवाल, बहू के लटके दो चुटिया
लुटिया में लाइ भोला भांग पी लो भंडारी।
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