आए सपने में बांके बिहारी, ना होश मेरे होश में रहे
मेरा तेरा मनुओं कैसे इक होई रे
उड़ जाएगा,उड़ जाएगा,उड़ जाएगा, हंस अकेला,
बाई मीरा ने गिरधर मिल गया अधू रातडली।
बजाओ ढोल स्वागत में,मेरे घर राम आये हैं।
मांगे से कुछ नही मिलता बिन मांगे मिलता है
गोविंदा गोपाला रे थारे आगे विनती
थारा पति ने परमेश्वर जान बहना म्हारी ये।
बाला या कांई थार जचगी,
पुंछ को फटकारो माऱयो,
लंका जलगी
ये मरघट वाले बाबा का दरबार है।
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