शीश के दानी थारा कीर्तन करावा
गंगा जी के घाट घाट पर, शिव भोले के ठाठ दर्शन कर लो रे।
तोपे राखी जा तो राख सांवरे,जा रही लाज हमारी।
धूम मची है भोले बाबा के दर पर।
छूटा घर द्वार बाबुल का उसी की याद आती है
बिगड़े बना दो आज काम जी।
कहाँ तोहर आसन बासन कहाँ निज धाम
तो खाटू धाम चलो,
घर घर तुलसा लगाओ सखियों। जीवन सफल बनाओ सखियों।
तेरा नाम लेकर जीवन बिता रहा हूं।
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