रंग रा रेलिया म्हारो मन तो रुणिचा में लाग्यो।
मैं तो तेरी दीवानी रे, ओ मोहना तेरी दीवानी रे।
बल्ले बल्ले वई साड़ियां नी खांदा रोटियां
दादी अरज गुजारू कर लीजो मंजूर
सांवरे सांवरे मेरे घर आओ कभी
कदम की डारी झूले राधा प्यारी।
मुझे जब से लगन कान्हा की लगी,अभिमान जताना छोड़ दिया।
बिन हल्दी रंग लाई गुरु जी तेरे चरणों में आई
गीता का ज्ञान सुनाया है, मनमोहन मुरली वाले ने।
गोकुल में बजी बधाई है सखी जन्म लिया श्री कृष्ण ने।
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