शमशानों में तू ही गूंजे।
शिव सदाक्षर स्तोत्र मंत्र
पलना झूले री यशोदा मैया तेरो ललना।
मत बोवे रे अगत में शूल कांटे तेरे लाग जाएंगे।
कान्हा कैसी की चतुराई रे मेरे नहीं समझ में आई रे
पीपल पूजू पिपली अमावस एकादशी हो राम।
म्हासू चाकरी करा ले,
मत कड़वा बोलया बोलना ये भाभी म्हारी, होया ए कलेजे पार।
कैसे करूं धन्यवाद मावडी।
पुतना आए गई नंद जु के अंगना।
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