लोरी सुनाए गौरा मैया,
झूला झूले गजानंद,
आये तुम्हरे द्वार हे गणराजा,
नाम रस बरसयो री बरसाने की गलियन में।
कीजै रंगमहल की दासी।
ओ हारे के सहारे दूखिया रो रो पुकारे, श्याम जी कर दो करम,बाबा कर दो करम।
मिलने तूं आजा श्याम आजा किसी बहाने से
रिद्धि सिद्धि के दाता गजानन सुनो, सबसे पहले हमारा नमस्कार है।
झोली अपनी पसारे खड़ा है गुलाम। मुझ पर कृपा करो मेरे खाटू के श्याम।
गण गणपति बप्पा मोरिया रे मेरा गणपति बप्पा मोरया
किस देवता ने आज मेरा दिल चुरा लिया
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