जगदंबे बुलाऊं आया जगराता।
म्हारा माजीसा पधारे रास्तों छोड़ दीजो सा।
नौ देवी नयन खोलो पुजारी द्वार आया है।
आए अग्रसेन महाराज आज हम धूम मचाएंगे।
मावड़ी मोटी धीरयानी, डोकरी मोटी धीरयानी
मैं तो दुखड़ा री मारी आई म्हारी मां,खोलो लाल किवाड़।
म्हाने माजीसा रो नाम प्यारो प्यारो लागे
थारी महिमा अपरंपार दुर्गे आया थारे द्वार
फूलों का हार लाई मैया मैं तेरे लिए।
आ गये मैया के नवराते जागरण करवाई ले सासु।
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