बलम तेरी एक ना मानूंगी भवन मैया के जाऊंगी।
हे अंबे है कालिका मां ,हम तेरे शरण में आए।
अररर सररर मैया,कागज का बना रुपैया।
मैया नवरात्रों में मेरे घर भी चली आना,
पत्तों पत्तों में बैठी जगदंबा इन फूलों को ना तोड़ मालिए
तने पूछूं पंडित जोशी, मारो राम मिलन कब होसी ।।
तेरी रहते क्यों झोली ये खाली है मां,
अंगना में मैया पधारी, जागी किस्मत हमारी।
मैया का चोला है रंगला,
चार चार मेरी बहूवे आ गई , आ गई चतुर चालाक राम जाने क्या होगा।
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