आ गया कार्तिक मास दीपक तुलसा पर लगा देना।
सुमिरन करले श्याम का मिलेगा सहारा प्यारे,
मन वृंदावन जो जाए तो राधा राधा गाए
आओ पधारो म्हारा सांवरिया
मीरा भई रे बाँवरिया।
राम जी साध संगत मोहे दीजो।
महीना आया कार्तिक मास, तुलसा क्यों घर लाए श्याम।
लहरियो लायो घनश्याम चुनड़ लाया सतसंग री ।
जिसे दुनिया ने ठुकराया उसे तेरा सहारा है।
बिरोजी आसी म्हारे आंगने।
मुझे ले चलो चारों धाम, माला ला दो तुलसी की।
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