हरि जी मैं तो तुलसा सीचन जाऊं,
चाहे दुनियां करे अनसुना,मेरे बाबा ने मुझको सुना है
बर्थडे मनाएंगे बाबा खाटू में आएंगे,
अमर सुहागन ओ सांवरिया राखेला।
सांवरे तुमने कैसा यह जादू किया, हम तेरे हो गए एक मुलाकात में।
मुझे ऐसी लगन तू लगा दे,मैं तेरे बिना पल ना रहूं,
मोटा मोटा मोटा, बैठा सेठ सांवरा मोटा।
मेरी प्यारी तुलसा माँ तूं इतना ना करियो श्रृंगार, नजर तोहे लग जाएगी
मेरी तुलसा के गोरे गोरे हाथ मेहंदी खूब रची,
तेरी कृपा का तलबगार हूं मैं
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