कोई पिता ने बेटी रख सका चाहे जितनी हो साहूकारी।
वृंदावन प्यारा है जमुना का किनारा है
सखिरी मैंने बालम मोल मंगाए
ससुराल छोड़कर मत जाना मायके में गुजर नहीं होती है।
भोला नंदी पे बैठ कर आया करे,
आया है सारा ब्रह्माण्ड बनी तेरी हल्दी में।
राधा पूछे तुलसी ने बात कठ्ठे थारो सासरियो।
मोटा मोटा सेठ ने बुलावे खाटू सांवरो।
आया है दुनिया में कुछ पाने के लिए
खाटू में सांवेर का दरबार निराला है।
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