आराम के क्या क्या साथी थे जब वक्त पडा तब कोई नहीं
ओ महलों में रहने वाले खाटू वाले श्याम
वाह रे क्या बात है,
चलू चलू ओ अभिराम,पैर में पहिरु खड़ाम
लोको में दीवानी दीवानी श्याम दी
ले चल अपनी नागरिया,
अवध बिहारी साँवरियाँ ।
हैप्पी न्यू इयर श्याम
जय श्री राम जय जय श्री राम
दिखता है चुपचाप, बैठा है चुपचाप सांवरा बोलता है
राम आएंगे आएंगे राम आएंगे।
You must be logged in to post a comment.