गणपत जी ने पहलयां पोत है मनानो।
कल था हारे का साथी, आज भी हारे का सहारा
लेऊं तो टपके देऊं तो टपके,
श्याम का सच्चा है दरबार।
बार-बार म्हें तने निहारा, कुन करयो सिंगार।
मैया कानूडो तेरो मेरी रोकी है डगर
नैना तुम्हारे।२ नैना तुम्हारे जादूगारे सांवरिया प्यारे
कद सी होसी मैहर सांवरा म्हारे पर।
एक तमन्ना श्याम है मेरी, दिल में बसा लूं सूरत तेरी
आसी बहुत मजो सांवरिया एक बार आजा मेरे पास, आसी बहुत मजो।
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