रामजी आए हैं भाग्य जगाये हैं।
चाहे जमाना रूठे, पर ये लगन न छुटे,
सिंहासन छोड़ के, सिंहासन छोड़ के।
आनंद आनंद आजू शुभे हो।
जब से कृष्णा तेरी हुई, मैं तो दुनिया भूल गई।
बंसी बाजी जब तेरी,मैं तेरी हो गयी।
मोरी लागी लगन मनमोहन से
छोड़ो छोड़ो यह घर का झमेला, चलो अयोध्या में लग गया मेला।
राम आए हैं राम आए हैं, फिर से अपने घर में श्री राम आए हैं
एगो अउर बनवास ह बितल,राम लला घरे आ गइलें।
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