सर पे उठाए वासुदेव, कन्हैया जी को लेकर चले।
कौन कहता हे भगवान आते नहीं,
राम धुन, राम धुन राम धुन,
जय जय शिव गौरी जय जय, जय जय शिव गौरी।
सजने लगी है भक्तों, सिया राम जी की नगरी।
रामजी दूल्हा यो अहा छी भीतरिया बदमाश हो,
आशुतोष शशाँक शेखर,चन्द्र मौली चिदंबरा
शिव है वो,शिव है वो।
नाचू मैं बनके दीवानी
नाचू मैं बनके दीवानी
घर धंधे में भूली मेरे रामा।
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