यह बाल घुंघराले नैना काले काले,
नज़र सावरे लग ना जाए कही,
मेरी छोटी सी ध्वजा बनवा दे ओ मम्मी, खाटू की टिकट कटा दे
जब इस दुनिया के धोखो से तेरा ये दिल भर जाएगा,
तू तोरण द्वार पहुंच जा वहां खड़े है बाबा श्याम,
कन्हैया का दीदार,
करने आया तेरे द्वार।
मीरा महलों की रानी दीवानी हो गयी
खाटू का तोरण द्वार,
बैकुंठ का द्वारा है,
देखे ताज क़ुतुब मीनार,
इनसे बढ़कर तोरण द्वार,
खुला हुआ है खुला रहेगा,
खाटू वाले का द्वार,
जबसे किया है पार,
खाटू का तोरण द्वार,
और मिला तेरा दरबार,
बदली मेरी दुनिया है,
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