कृपा का रखना सर पे मेरे हाथ सांवरे
मुझे जब से है अपना बनाया श्याम ने
थाने आजकल का छोरा बन्नी सोरी राखे ये बन्नी रोजे मति ये।
बजे श्याम कि जब बांसुरिया,सुध खो देय ग्वाल गुजरिया
वृंदावन में शोर मचे गिरधर की मुरलिया बाजे,
दो दिन में कुंण सा,
तेरा खाटू भागे से,
खाटू में फूलों सा फूल जाती हूँ
मेरे दिल में बस गया है दिलदार खाटू वाला
Tere dar pe jo aa gaya bin mange wo pa Gaya,
श्याम रखते थे खबर तुम बेखबर क्यों हो गए
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