श्याम सलोने है बनवारी, सूरत जिनकी प्यारी-प्यारी।
मै कावड़ तेरी लाउ
और ला कर तुझे चढ़ाउ
क्या खूब सजा दरबार देखो मेरे श्याम का।
बिगड़ी सँवार देता है,
तू ज़िंदगी भी उधार देता है।
फागनियो आयो रे मन्दिर में बड गयो सांवरो
फागुन में बुलावे म्हाने श्याम धनी सरकार
मेरे सांवरे सलोने कन्हैया तेरा जलवा कहाँ पर नही है
रूठे मत कान्हा बचन भरवाए ले। कोरे कागज पर अंगूठा करवाये ले
फागुन मेला आया है मैं भी खाटू जाउगा,
जयकारा जयकारा बोलो जयकारा,
श्याम धणी का बोलो जयकारा,
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