तुझे अपने बाबा पे भरोसा जो होगा,
जो कुछ भी होगा अच्छा ही होगा,
वो कोन सी राहें है मोहन जो तेरे नगर को जाती है।
फाग का रंग चढ़ा है सब पर क्यों तू देर लगाये।
काया नही तेरी नही तेरी
मत कर मेरी मेरी।
क्यों धीरज खोये जाती है वह आयेंगे आयेंगे,
लेकर हाथों में निशान दर पर आया पहली बार
काम, क्रोध, मद, लोभ और माया,
पहरेदार बिठाया.
मेरे शिव भोले भंडारी की महिमा है बड़ी न्यारी,
भोले ने शीश पे धारी,हो गंगा मैया हमारी
मेरी प्रीत है तुम्हीं से मन में तुम ही बसे हो
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