ओ गोरा के लाल गजानन आ जाना।
जीमो जीमो साँवरिया थे,
आओ भोग लगाओ जी,
चितचोर बड़ा तू छलिया
बिंद्रावन कि यह गलियां।
श्याम कैसी तुम्हारी नगरिया,
लोग पैदल चले आ रहे है॥
होली खेलो राधा प्यारी मोपे रंग की चढ़ी ख़ुमारी,
हीरा मोत्या जड़ी जड़ी,
संकट काटे खड़ी खड़ी,
मेरे सर पे बाबा श्याम,
घुमा दें मोरछड़ी,
म्हारी पकड़ आंगली मावडी भवसागर तारो जी,
तू भी तो कोनी आवे,
दुनिया बावलियों बतलावे,
जब फागण मेला आए,
श्री श्याम ध्वजा लहराए,
चल चल चल तू खाटू की गली। फिर से सजी है बाबा की नगरी
You must be logged in to post a comment.