किस दिन आन मोहे दरस दिखाओगे,
श्याम कब आओगे जी श्याम कब आओगे।
आज मची है धूम बिरज बरसाने में।
बिगड़ी लाखों की तुमने सवारी, मेरी बारी क्यों आई ना मैया।
होली खेलूंगी श्याम संग जाए सखी री बड़े भाग से फागुन आयो रे।
माई म्हारो सुपनामा,परनेया रे दीनानाथ
भोले का जयकारा तू लगा के देख ले,
बन जाए सारे काम तू भी आके देख ले…
होली खेल रहे नंदलाल ब्रिज की गलियों में
ओ सावरा कई पड़ गयो चाकरी में चूक निंद्रा से हरी क्यूं जागिया।
कार्तिक आया रे आया रे छाई मस्त बहार,
खाटू में बैठा प्यारा सांवरा,
मंद मंद मुस्काए,
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