हल्दी लगाओ आज सखी री शुभ दिन आयो है।
Category: shadi geet
मारो सांवलियो बीरो जी भात मारो भरने आयो है।
जो बहूओ के गुण गाती है, वह सासु मौज उडाती है
देखूंगी तेरा मिजाज सजना।
मायरे की चुनरी कमाल,बीरो जी आया आंगनिए।
हाल ससुराल के कोई ना पूछो एक दिन भी निभाना कठिन है।
दे दो ना बधाई बाबूजी शादी है तेरे घर में।
आते ही बन्नी, बदल गया बन्ना,
सासू अपना जमाना भूल जाना, आया मॉडर्न बहू का है जमाना
सास-बहू में झगड़ा, हुआ है बड़ा जोर।
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