लाल दरी अंगना में बिछवा दे रे बन्ने
Category: shadi geet
सात फेरों का वचन निभाना, मेरी लाडो का दिल ना दुखाना।
कम से कम लाना मेहमान।
मेरा भैया गया परदेश रे अब कौन उड़ाए चुनरिया।
भैया मेरा पटवारी भात लेके आया है भारी।
में घर में नाही ननद मेरी आई
आयो आयो बाबुल को परिवार, म्हारा वीरा को परिवार
रामचन्द्र रघुनाथ बन्ना थम सीता केसे ब्याहोगे
मत बोले कड़वे बोल भभज तेरे रोज़ रोज़ नहीं आउंगी।
दौना में जलेबी बड़े रस की
मैं तो भात पहनूंगी मन भर की।
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