अटरिया में काग बोले बागों में बोले मोर
Category: shadi geet
राजा चलती जवान मेरी रुकती नहीं
बनी पूछे बाबा से ए बाबा, मैं किस विध मिलने जाऊं रंगीला आया है बागों में
साजन रोज रोज काम ना करवाया करो।
थाने सांची सांची बात को सुनादयूं खटको।
बेलन चिमटा लेके भागो, ऐसी सगी से डरियो
आ चरखी लाल गुलाल-चरखड़ी नहीं चलती जी नहीं चलती।
डागले चढग्या सगोजी डागल चढ़ग्या
रंग बरसे भीगे सगोजी वाली रंग बरसे
सगीजी बिमार है, सौ डिग्री बुखार है
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