गुजरकी पकड़ियो हाथ, छुड़ावे दीनानाथ।
Category: krishna bhajan lyrics कृष्ण भजन लिरिक्स
रंग डारी मैं कनुआ कारे ने रंग डारी
आज धूम मची है वृन्दावन में
नेकू आगे आ क्यों भागे कनूआ कारे
होली में कान्हा मचल गयो री , मेरी चुनरी को रंग के निकल गयो री ।
मेरी रंग गयो रात चुनरिया रे वो मोहन कृष्ण मुरारी।
रंग बांके बिहारी डार गयो री
राधा सांवरिया से बोली तोसे खेलूंगी मैं होली
मैंने पहनी है नई नई साड़ी,
ना मारो पिचकारी रसिया,
होली खेलन राधे रानी आजा ब्रज की गलियन में।
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