हरी धरे मुकुट खेले होरी , शिर धरे मुकुट खेले होरी।
Category: krishna bhajan lyrics कृष्ण भजन लिरिक्स
होली बरसाने की खेलूं, ब्रज में ले चल रसिया मोहे
हे गोपाल राधा कृष्ण गोविंद गोविंद कृष्ण,
मेरे सांवरे सलोने कन्हैया तेरा जलवा कहाँ पर नही है
रूठे मत कान्हा बचन भरवाए ले। कोरे कागज पर अंगूठा करवाये ले
तुम्हे आज मोहन आना पड़ेगा,
रंग बाँको साँवरिया डार गयो री,
डार गयो री,
ब्रज में हरि होरी मचाई।
आई रे आई रे होली आई रे आई रे होली आई रे भक्तों की टोली
बाजे बरसाने में नगाड़ा, के होली आई आ रा रा रा।
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