मेरी माँ के गले दो हार सजे एक फूलों का एक कलियों का।
Category: durga bhajan lyrics दुर्गा भजन लिरिक्स
क्रोध में काली बन गई रे शंकर की दुल्हनिया।
मन मंदिरिए में बाजा बाजे,देवल में थारे बाजा बाजे,
बाग लगायो फूला रो,फूला रो
जय काली कलकत्ते वाली,
तेरी बिगड़ी बन जायेगी तू जय माता दी बोल
मुझे दर्शन दे गई माँ कल रात सोते सोते,
जब-जब भी पुकारू माँ तुम दौड़ी चली आना,
रात रुको मैया सवेरे चली जाना,
रेशमी चोला पहाड़ों वाली का,
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