मेरा पकड़ो हरी ने हाथ अब डर काहे को।
Category: श्याम भजन लिरिक्स
भरोसो थारो लखदातार म्हाने देखो नीजर उघाड़ भरोसो थारो है।
हो होली जब सजती जब भाभी मारे पिचकारी।
कारी देह पे खेलन आयो री,मेरो बारो सो कन्हैया
रुक जा ओ राधे रानी रुक जा, आज में फोडूंगा तेरा मटका
ई कलियुग में घड़ी घड़ी , बाबा की घूमे मोरछड़ी
रंग बरसे सांवरे के चरणों में रंग बरसे
अब खाटू में घाघरो घुमायो नही जाय।
मेरे बांके बिहारी लाल ना डालो इतना रंग गुलाल,
श्याम थारो मुखडो चांद को टुकड़ों और महे पावां री धूल।
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