दरबार है खाटू वाले का, यह भक्तों के रखवाले का।
Category: श्याम भजन लिरिक्स
मोर छड़ी हाथों में, सोहे हैं बाबा श्याम।
मुझको नचाले बाबा अपने दरबार में
तूं श्याम ने मनाले तेरा हो जासी वारा न्यारा
बाबा हाथ पकड़ ले थारे द्वार, आऊं मैं कईयां।
कल था हारे का साथी, आज भी हारे का सहारा
श्याम का सच्चा है दरबार।
बार-बार म्हें तने निहारा, कुन करयो सिंगार।
कद सी होसी मैहर सांवरा म्हारे पर।
एक तमन्ना श्याम है मेरी, दिल में बसा लूं सूरत तेरी
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