म्हारे हिवडे उठी हिलोर भायला खाटू नगरी जावण की,
Category: श्याम भजन लिरिक्स
आँख फड़ूखे, बोले कागलियो,
खुला रहेगा युगो युगो तक ये इनका दरबार,
अधराने खोलो कुछ फरमाओ जी,
कोई तो हुकम सुनाओ जी बाबा,
खाता खोल के देख सांवरा,
चाकर बहुत पुराणो हूँ,
यो के तेरो रुसणो,
घड़ी घड़ी के माय,
जब तक फागुण मेला तेरा आता नहीं है,
हाथों निशान मेरे लहराता नहीं है,
साँवरे सलोने तेरे नैन कजरारे,
इनमें ना जाने कहीं,
खो गया है मेरा दिल,
तुम आए हो कलयुग में,
संसार के लिए,
मनै सांवरे का दर्श करादे मेरी मां।
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