भक्तों के हर कष्ट मिटाए, श्याम प्रभु की ज्योति,
Category: श्याम भजन लिरिक्स
अगर दीनो का दिल टूटा, तो बदनामी तुम्हारी है
बाहें पकड़ ले बाबा, मैं हार कर हूँ आया,
मुझे जो देंगे मेरे श्याम, सर झुका कर मैं लूंगा,
ये बंधन तो श्याम प्रेम बंधन हैं, जन्मों का संगम है
नैया मेरी फसी पड़ी है, बरसो से मजधार में,
वो कौन सी जगह, जो मेरे श्याम की नहीं, घनश्याम की नही, वो कौन जगहा है ।।
श्याम धणी के दरबार से, ना जाता है कोई हार के,
आंधी के चलते अटकी, या तूफान के चलते, कैसे अटकी नैय्या, मेरे श्याम के चलते।
तेरे लाडले का लाड तू लड़ा दे ओ मेरे सांवरिया,
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