हळवा थे बोलो,
साँवरियो सूत्यो काची नींद में,
Category: श्याम भजन लिरिक्स
मैं गर्व से कहता हूँ,
मेरी पहचान है खाटूवाला,
भज रे मनवा श्याम,
रट ले मनवा श्याम,
श्याम श्याम श्री श्याम,
काम धाम ने छोड़ बावली,
जल्दी कर ले त्यारी,
खाटू वाले श्याम धणी के,
लाग्या मेला भारी।
उजड़ी बगिया महका दो मन की चिड़िया चहका दो
आई आई रे ग्यारस की रात,
के भोग लगा जाओ,
दिल लगा लिया मैंने खाटू वाले से,
ऐ भक्तो मेरे मरने के बाद,
इतना कष्ट उठा देना,
जिस नैया के श्याम धणी हो खुद ही खेवनहार,
जिस नैया का श्याम खिवैया वो नैया भला क्यूं डूबे।
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