खाटू ही है स्वर्ग मेरा और खाटू ही कश्मीर है
Category: श्याम भजन लिरिक्स
इस रज में मैं खो जाऊ, इस ब्रज का ही हो जाऊ, इतनी सी है दिल की आरजू,
तेरी प्यारी नगरिया खाटू वाले श्याम।
मैं तो दुल्हन बनुगी घनश्याम की
मैं तो रानी बनुगी ब्रज धाम की ।
बेगा पधारो बाबा, निर्धन के गांव रे,
एक है खाटू वाला दूजा मेहंदीपुर दरबार है।
अब तो आकर बाँह पकड़ लो,
वरना मैं गिर जाऊँगा,
मेरे सपनों में आते है,
खाटू के बाबा श्याम,
तेरा दरबार निराला है। तेरा दरबार निराला है।
भीड़ में भीड़ मची है भारी बुलावा श्याम का आया है।
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