ग्यारस के दनि, इन आँखों से, उड़ गयी निंदिया रानी,
Category: श्याम भजन लिरिक्स
काई ल्यायो ले जालो बंदा, बांध गठरी में
जागृत रहना रे नगर में चोर आवे है
भर सकता है घाव तलवार का,
बोली का घाव भरे ना।।
कन्हैया तू तो है बड़ा चित चोर,
करि मन नंद-नंदन ध्यान
युगलवर, नैन नींद रहि छाय
सारो जगत छोड र आवियो,
बाबाजी हूं तो, थांरै द्वार,
जाजो जाजो रे,भाई म्हारा जाजोइना समुन्दर पार,मोतीड़ा लाजो रे साधो,अणबीन्दिया मिल गया मिल गया रे,हीरा मिल गयामिल गया लख दोई चार,मन का मोती रे साधो,ना मिल्या । मिल ल्यो मिल ल्यो रे,लंबी बांह पसारअब के बिछड़या रे साधो,कद मिलांगा जी उड़ गयी उड़ गयी रे,इना बन की चिडि़याअपना मंदर वासा फ़िर किया जी पड़ गयी […]
अरे मारा मनड़ा बदल गया दिनडा,
वा पेला जेडी बात नही।।
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