लाखां ने थे ताऱ्या, माँ म्हाने भी थे तारो,
Category: रानीसती दादी भजन लीरिक्स
दिन रात सती मात थारो मंगल गाऊँ माँ,
मेहन्दी राचणी सौणी सी, मण्डाले मेरी माँ,
रच गई रच गई रच गई रे, राचणी माँ मेहन्दी रच गई रे ।।
कोई देवां भोत सहराई दादी म्हारी जी ।।
आओ आओ म्हारी मैया ने रिझावाँ।
दादीजी, सावणियै मँ आवो
थानै न्यूतो” -३, देय बुलावाँ, आवो आवो म्हारी माँ।
मेहदी लेकर आये है मैया साथ में,
कुण मांडी दादी, हाथा में मेहंदी थारे सोवणी,
आयी आयी दादी आयी देखो बाज उठी शहनाई
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