सज-धज करके बैठी है माँ आज झुंझुनूं धाम में
Category: रानीसती दादी भजन लीरिक्स
बनके बिंदनी सी दादी बैठी सजधज के
आयी आयी दादी आयी देखो बाज उठी शहनाई,
भादो का मेला सुहाना लगता है,
भक्तो का तो दिल दीवाना लगता है,
सिंहासन पर दादी बैठ्या, सेवक चँवर ढुलावे ओ राज म्हे दादी थारा सेवक छां,
नौमी मंगसिर की आई, परणिजे लाड़ो बाई, तनधन पधारया म्हारे आँगणे,
मैं भूल गई री दादी घर से माँ मैं आती
सदा सुहागन रखना माँ,
वर देना मुझे इतना माँ,
आयो सावणियो,
दादी जी म्हारी,
हिंडो हिन्डै आज,
भादी मावस है आई,
भक्ता मिल ज्योत जगाई,
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