जाने क्यों लगता है मुझको पत्थर में है राम।
Author: Pushpanjali
आओ मेरी सखियों सजाएं मैया को
शिव पार्वती के साथ पडन लागी हरे हरे पड़न लगी भंवरिया।
दुल्हनिया बन गई ओ गौरा मैया शगुन बड़ा भारी ओ गौरा मैया।
रण में कूद पड़ी महाकाली
काले अस्त्र काले शास्त्र
मुंडमाल गल डाली।
शेरोवाली एक बार मेरे घर आ जाना,
जगत में किसने सुख पायो,
जो आयो सो पछतायो,
हम जिंदगी लुटाने आये है तेरे दर पे,
झूम रहे दीवाने सारे मैया तेरे नाम में।
श्री राम जी का मंदिर बनाएंगे, भगवा ध्वज लहरायेंगे,
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