राम भज ले रे हरी रो सुमिरन करले।
Author: Pushpanjali
हनुमत ने बजाई खड़ताल बोलो जय सिया राम
तारे यमुना के तट पर छाए। श्याम बंसी बजाने आए।
मैं मुरली बन जाऊं, होठों से मुझे लगा ले।
कोई कितना भी कर ले जतन वक्त से पहले कुछ ना मिलेगा।
देवा महादेवा , देवा शिव देवा।
सुनो श्याम प्यारे हैं तेरे सहारे
सुनो श्याम प्यारे, यह विनती हमारी।
देखो नाच रहे हनुमान अयोध्या गलियों में।
सहारा सांवरे का है, मुझे क्या लेना दुनिया से।
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