तेरे लंबे लंबे हाथ, कभी नजर ना आए।
Author: Pushpanjali
सत्संग में चलो हरे रामा।
तेरे साथ में इंस्टा पे में रील बनाऊं रे।
श्याम धनी से लगन लगा ले, चिंता फिकर सारी छोड़ दे।
जय जय सीतापति श्री राम
वृंदावन में रहता है वह, उसका नाम कन्हैया है।
जानकी को जन्मदिन आयो है।
दीदार यह तुम्हारा।
जावन्न वाली है या दुनियां,जावन्न वाली है।
चलूंगी तेरे संग रसिया, हो रंग रसिया।
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