हरने तेरे दुःख कलेश,
आ गये देखो बाप्पा गणेश,
Author: Pushpanjali
शरण में आये है हम तुम्हारी, दया करो हे दयालु गणपति
ना जीने की खुशी है ना मरने का है गम,
जब तक चलेंगे तब महादेव के हैं हम,
सुमिरन क्यों नि करे, क्यों रे मन सुमिरन क्यो नि करे।
मैंने मन को मंदिर बनाया, ओ गौरी मैया के लाला,
आये है गणेश बप्पा,
आज मोरे अंगना,
गौरा माता दी अख दा तारा, शिव शंकर दा राजदुलारा,
कर गए दिल पे टोना, बांके बिहारी के नैना,
गणपति को लग गयी नज़रिया कोई कजरा लगा दो।
भादरवा मे मेलों लागो, गढ़ रूणिचै धाम,
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