खाटू में लगा के दरबार,
के सजधज बैठ्यो है सरकार,
Author: Pushpanjali
तर्ज, उड़े जब जब जुल्फे मेरा कान्हा है मुरली वाला,वो तो रास रचाए और बंशी बजाए मंदिर में। कोई दर पर आके देखो।वो तो दरस दिखाए और बंशी बजाए मंदिर में। मेरा कान्हा है मुरली वाला,वो तो रास रचाए और बंशी बजाए मंदिर में। कोई प्यार जताकर देखो।तन मन रंग जाए और बंशी बजाए मंदिर […]
आयो है जनम दिन बाबा को
खाटू नगरी में धूम मची भारी,
किसी को राम किसी को श्याम, किसी को घनश्याम प्यारा है
हर रोज श्याम तेरा,श्रृंगार किया है, प्यार किया है रे श्याम, प्यार किया है।
खाटू के राजा स्वागत है आपका, कीर्तन में आओ कारज है आपका,
कार्तिक की ग्यारस आई, नयी उमंगें है लाई,
लाड़ली राधिका, स्वामिनी राधिका, ये तेरा बरसाना, यही पे मर जाना।
अहिलवती ने जायो लाल, बधाई बांटो भक्ता ने
बाबा का लेके नाम,करोगे कोइ काम, काम होगा ही होगा
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