परदा जरा हटा दे,इक बार ऐ साँवरिया
Author: Pushpanjali
पर्दा जरा हटा दे बाबा ओ खाटू वाले।
श्याम बाबा श्याम बाबा आया हूँ मै,
बड़ी दुर से बड़ी दुर से,
हरि भज हरि भज हरि भज प्राणी,
एक दिन पिंजरो पड़ जासी,
आया है जनमदिन बाबा का,
हम उत्सव आज मनाएंगे,
सुनो सुनो सुनावे नन्द लाल, गोपाल इस पल पे उठाया मैं गोवेर्धन।
भोला भांग धतूरा पीते हो दिन रात नशे में रहते हो।
देवों में बड़ा जलवा गणराज तुम्हारा है।
मैंने सब चिराग बुझा दिए,
तेरा इक चिराग जला लिया॥
मैं सूं तेरे प्यार का रोगी,
सांसों में तेरा नाम,
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