श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी हे नाथ नारायण वासुदेवा
Author: Pushpanjali
आप आए नहीं और सुबह हो गई। मेरी पूजा की थाली धरी रह गई
सांवरै घुमा दे अब तो
मोर की छडी़ एकबार।
प्रार्थना है यही
मेरी हनुमान जी,
कान्हा हैप्पी न्यू ईयर,
ओ दादी खोल दे दरवाजो
म्हें तो मंदिर आवांगा।
पिया सीधी ना समझो कमाल करूंगी
बाबा तेरी नगरी का
बड़ा सुंदर नजारा है
बाबा खाटू वाले, गले मुझ को लगा ले,
बाबा ये खाटू वाला, भक्तो का है रखवाला,
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