वीणा वादिनी दुख हारिणि, भव सिंधु से तू उबार दे,
Author: Pushpanjali
तुमको पाया,तो ये निखार आया,
हम श्याम दीवानों का आया त्यौहार है।
खाटू वाले श्याम मुझको भूल ना जाना।
बालाजी सरकार हमारे आकर के दुख हरना।
आड़े आवैगा, आड़े आवैगा कर ले भरोसा श्याम धनी पर लाज बचायेगा
प्रभु कैसा खेल रचाया है,
ये मेरी समझ नहीं आया है,
क्यों आ के रो रहा है, गोवन्दि की गली में।
बता दो बात तुम मेरी पिता धरती पर क्यों सोए।
चाँद से प्यारे बाबा श्याम,
हमारी आँखों के तारे श्याम…..
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