मुरली बाज रही मधुबन में टुटा शिव शंकर का ध्यान,
Author: Pushpanjali
जय नंदनंदन सुख धाम हरे
मेरा मन रंग दो भोले बाबा,
ओ भोले बाबा मेरे ओ भोले बाबा।
भोले बाबा का वंदन आसन होता है,
खाटू वाला श्याम थारे तो जग में चर्चे रे
ग्यारस मैया ने भेजो विमान चलो तो वामें बैठ चले ।
विट्ठल विट्ठल विट्ठला हरी ओम विट्ठला
इतना सस्ता और ना सौदा, दुनिया के बाजार में
डम डम डमरू बाजे मेरे शिव शंकर जी का।
तुम बिन लाज गरीब की, कौन रखे घनश्याम,
You must be logged in to post a comment.